हिमाचल सरकार की नई तबादला नीति: 55 वर्ष से अधिक कर्मचारियों को दुर्गम क्षेत्रों में पोस्टिंग से मिलेगी राहत

हिमाचल सरकार की नई तबादला नीति: 55 वर्ष से अधिक कर्मचारियों को दुर्गम क्षेत्रों में पोस्टिंग से मिलेगी राहत

1000272474

Himachal Government's New Transfer Policy

Himachal Government's New Transfer Policy, हिमाचल प्रदेश सरकार ने दुर्गम, जनजातीय, कठिन और अति दुर्गम क्षेत्रों में कर्मचारियों की तैनाती एवं तबादला नीति में अहम संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत 55 वर्ष से अधिक आयु के अधिकारियों और कर्मचारियों को यथासंभव इन क्षेत्रों में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। हालांकि, यह छूट पदोन्नति से जुड़े मामलों में लागू नहीं होगी। यदि पदोन्नति के साथ ऐसे क्षेत्र में नियुक्ति आवश्यक होगी, तो संबंधित कर्मचारी को वहां कार्यभार संभालना पड़ेगा।

कार्यकाल की गणना केवल कर्मचारी की वास्तविक तैनाती अवधि के आधार पर होगी
कार्मिक विभाग की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार व्यापक मार्गदर्शक सिद्धांत-2013 (सीजीपी-2013) के पैरा 16.1 में संशोधन किया गया है। इसके तहत दुर्गम, जनजातीय, कठिन और अति दुर्गम क्षेत्रों में निर्धारित सामान्य कार्यकाल तीन वर्ष रहेगा, जिसमें दो सर्दियां और तीन गर्मियां शामिल होंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कार्यकाल की गणना केवल कर्मचारी की वास्तविक तैनाती अवधि के आधार पर होगी।

 

नई नीति में ये प्रावधान
नई नीति के अनुसार यदि कोई कर्मचारी लंबी छुट्टी पर रहता है या किसी अन्य कारण से सेवा से अनुपस्थित रहता है, तो वह अवधि निर्धारित कार्यकाल में शामिल नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में कर्मचारी को उतनी अतिरिक्त अवधि तक संबंधित क्षेत्र में सेवाएं देनी होंगी, ताकि तीन वर्ष की वास्तविक तैनाती पूरी हो सके। कार्मिक विभाग ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और जिला प्रशासन को संशोधित प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

 

अतिरिक्त प्रभार को लेकर भी स्पष्ट की स्थिति
सरकार ने अतिरिक्त प्रभार को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। यदि कोई अधिकारी किसी दुर्गम या जनजातीय क्षेत्र के पद का केवल अतिरिक्त प्रभार संभालता है और वहां नियमित रूप से नियुक्त नहीं है, तो उस अवधि को न तो उसके निर्धारित कार्यकाल में गिना जाएगा और न ही दुर्गम क्षेत्र में सेवा के आधार पर मिलने वाली किसी रियायत, वरीयता, प्रोत्साहन या अन्य लाभ के लिए मान्य माना जाएगा।

तबादला नीति को लेकर लंबे समय से बना रहा भ्रम
विभाग के अनुसार तबादला नीति में पांच पसंदीदा स्टेशनों के विकल्प और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यकाल की गणना को लेकर लंबे समय से भ्रम बना हुआ था। कई मामलों में अतिरिक्त प्रभार की अवधि को भी सेवा अवधि मानने की मांग उठती रही थी।